विचार, विचारों और साहित्य का संगम
हिंदी बालसाहित्य की प्रमुख डिजिटल पत्रिका
साहित्यिक अनुभाग

साहित्यिक विचार और रचनाएँ

बालवाटिका के समृद्ध संग्रह से चुनिंदा कहानियाँ, कविताएँ, लेख और साक्षात्कार पढ़ें।

बाल साहित्य और बच्चे अभिभावकों का दायित्व
संपादकीय

बाल साहित्य और बच्चे अभिभावकों का दायित्व

इस अंक में विशेष रूप से प्रासंगिक एवं सामयिक संदर्भ की सामग्री देने का प्रयास रहा है। जब आप इस अंक से गुजरेंगे तो पता चलेगा कि यह सामग्री हमारे चालकों के लिए ही नहीं हम सभी के लिए कितनी महत्वपूर्ण है जैसा कि में हर बार यह कहता रहा हूँ कि जिस तरह बालक सभी का है, उसी तरह बाल साहित्य भी सभी का है। इस तरह बालक तक बाल साहित्य पहुँचाने का पाहला दायित्व माता-पिता का है। आशा है चे दुत दुत कर अपने बालकों को श्रेष्ठ बाल साहित्य उपलब्ध करवाएँगे, जिससे कि हमारे बालक राष्ट्र के श्रेष्ठ नागरिक वन सकें।

डॉ. गर्ग
पूरा पढ़ें
हम कुकीज़ (Cookies) का उपयोग करते हैं

हम आपके ब्राउज़िंग अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कुकीज़ का उपयोग करते हैं। हमारी वेबसाइट का उपयोग जारी रखकर, आप हमारी कुकी नीति और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं।